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Tuesday, 14 March 2017

आज है अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्मदिन !!

ज अल्बर्ट इन्स्टाइन का जन्मदिन है। आज यह  पूरे  आर्टिकल में आपको  अल्बर्ट आइंस्टीन के बारे में कुछ दिलस्ब बाते बताऊंगा।  👀😉

                                                                                          अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) का जन्म 14 मार्च 1879, के दिन जर्मनी के व्रत्तबर्ग (wuttemberg) के उल्म (ulm) में हुआ था। यह 20 वि शताब्दी के सबसे प्रभावशाली विज्ञानियो मेसे एक माने जाते है। 


                                 अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) एक यहूदी परिवार में पलेबढ़े और बड़े हुए। उनके पिता हर्मन आइंस्टीन एक इंजीनियर और विक्रेता थे , जिन्होंने अपने भाई के साथ मिलकर एक इलेक्ट्रिक उपकरण  का निर्माण करते थे और उन्होंने म्यूनिच में एक कंपनी की स्थापना भी  की थी जिसका नाम  एलेक्ट्रोटेक्नीशियन फेब्रिक जे.आइंस्टीन & सीएइ (elektrotechnische febric j. einstein & cie) था।  अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) की माँ पूर्व पौलीन कोच थी और  अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) को एक छोटी बहन भी थी उसका नाम माजा (maja) था , जो उनके जन्म के शायद दो साल के बाद पैदा हुइ  थी।  

 अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) उनकी बहन माजा (maja) के साथ साल 1885 

                                                   अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) ने म्युनीच में लिटपोल्ड जिम्नेजियम  में प्राथमिक शिक्षा ली थी। उनके बचपन में उनका उनके शिक्षको से काफी संघर्ष होता था क्यों की  उनका स्कूल काफी कठोर शैक्षणिक शैली वाला था। लेकिन उनको बचपन से एक अच्छा शोख था वो था वायलिन बजानेका शोख। जो उनको पूरी उम्रभर रहा था।


                                                     अल्बर्ट आइंस्टीन (albert einstein) के जिंदगी के चमत्कारिक वर्षोमें  अगर शामिल करना हो तो हम साल 1905 को शामिल करसकते है। क्योकि इसी साल में उनके द्वारा  नालें देर  फिजिक्स (annalen der physiks) नामक जर्नल में  प्रकाशित किये गये चार पत्र  , युग और पूरी शताब्दी के सबसे अच्छे भौतिक विज्ञान के जर्नल में  शुमार हो गए थे और उनकी  , वाह वाही पुरे विश्व में फैल गयी थी। 

                                                         इन चार पत्रो मर उन्होंने फोटोइलेक्टिक प्रभाव , ब्रॉउनियन  गति , सापेक्षता के विशेष सिद्धांत और ऊर्जा के सम्बन्धो पर  सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित किया था।   



                                                           
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Monday, 13 March 2017

टाइम डैलशन का धन्यवाद :पृथ्वी का CORE सतहसे 2.5 साल जवान है!

विज्ञानिओने भौतिक विज्ञानी रिचर्ड फेनमैन(richard feynman) द्वारा किये गए परीक्षण  से  एक प्रसिद्ध दावा किया है , की सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत की भविष्यणी है की पृथ्वीका भीतरी भाग(CORE) उसकी सतह की तुलना में धीरे धीरे वृद्ध हो रहा है। 

पृथ्वी का भीतरी भाग(CORE) 

                                                                         
भौतिक विज्ञानी रिचर्ड फेनमैन(richard feynman)
     

     गुम हुए समय का मामला  : -



      अब यहाँसे आगे पढ़ने से पहले में आपको एक बात बताना चाहता हु के अब आगे कुछ अजीब विज्ञान 😥   है।जिसको समझने  आपको आगे थोड़ा ध्यान से😕 उसे समझना और पढ़ना पड़ेगा , तोह  चलिए देखते है इस अजीब विज्ञान😎 को।

                                                                       पृथ्वीकी  सतह वास्तव में 2.5 साल अपने  भीतरी भाग(CORE) की तुलना  में अधिक पुरानी  है। मतलब की हमारे ग्रह का मुख्य भीतरी भाग(CORE) सतह की तुलना में 2. 5 वर्ष  छोटा है। यह पूरी थ्योरी अल्बर्ट आइंस्टीन (ALBERT EINSTEIN)  के छोटे विकसित सिद्धांत की देंन  है। 

                                                                               अब , इसका पृथ्वी के मूल और इसकी  सतह को ब्रम्हांडीय इतिहास में अलग अलग समय पर बनाने के लिए कुछ नहीं करना है। हम अबभी बहुत स्पस्ट हे की दोनों एक ही समय में स्वस्थानी  ... विकसित हुए है। 
                                                               
                                                                             यह सब "समय फैलाव(TIME DILATION) " के प्रभाव के निचे आता है , जो की सामान्य सापेक्षता(RELATIVITY) के बहुत ही कम परिणाम है , जिसके गुरुत्व(GRAVITY) में न केवल अंतरिक्ष को  मोड़ना(WARP) की क्षमता है ,बल्कि समय को बिगड़ना भी होता है। स्वाभाविक रूप से , आप बड़े पदार्थ (OBJECT) में  है तो गुरुत्व (GRAVITY) अच्छा  होता  है , और तो और आप ज्यादा समय  का बिगड़ापन या विकृति (DISTORTION) की भी अनुभूति कर सकते है।😨  GPS सेटेलाइट्स के पास भी अपनी जगह(ONBOARD)  पर घड़ियों(CLOCKS) के लिए वक्त 🕒सही  रहे  इसलिए  गिनती (ACCOUNT) 📅 😟 रहती है। 


ऐक्टर मैथयू मकमैनऔघेय (MATTHEW  McConaughey )

📽🎞 इंटरस्टेलर (INTERSTELLAR) 

                                                         
📽🎞 इंटरस्टेलर (INTERSTELLAR) 


                          आप फिल्म 📽🎞 इंटरस्टेलर (INTERSTELLAR) को याद😮  कर सकते  है ,  जिसमे मैथयू मकमैनऔघेय (MATTHEW  McConaughey ) अतिमहत्व पूर्ण ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण में इतने समय को बिताया था की वः अस्सी या कई वर्षो के बाद लौट आये थे , जब वो लौट कर आये थे तब , वे जैसे जवान उम्रमें में वह गये थे वैसे ही वह सुंदर और जवान लौट कर आये तब लग रहे थे। और  जब वे लौट  कर आये तो उनकी  बच्ची जो वे जाते वक्त उसे पृथ्वी पर  छोड़ गए थे वे बूढी हो गयी थी और हँसी आनेवाली बात है  की वे  खुद जवान थे।   
भौतिकविदउल्रिक गेरहोज (ulrik  uggerhoj)

                                                                                          
आरहुस यूनिवर्सिटी (aarhus university)





                                                                                                                                                                              यह  समान(same)  सिद्धांत है , केवल इसवक्त डेनमार्क की आरहुस यूनिवर्सिटी (aarhus university) के भौतिकविद  "उल्रिक गेरहोज (ulrik  uggerhoj) की अगुआई वाली टीम ने इसे पृथ्वी के भीतरी भाग(CORE) और सतह के बिच के मौजूद समय के भेद या अंतर(differential)  पर लागु किया था। उनकी शोध को भौतिक विज्ञानकी यूरोपीय जर्नल में प्रकाशित किया गया है। 😯 

                                                                                         वह सही था की निश्चित रूप से एक समय में भेद या अंतर(differential)  होता है। "उल्रिक गेरहोज (ulrik  uggerhoj) और उसकी टीम को पाया गया की धरती के कोर में सतह  की तुलना में केवल 0.0000000003 सेकंड के मुकाबले धीमी गति का अनुभव है।  कितना तुच्छ हे !!! ... निश्चित रूप से.......!! लेकिन 4. 5 अरब साल(billion years) से अधिक के लिए 😥😥😱 !!तो ऐसी बजह से यह  बहोत तुच्छ सेकण्ड्स  का भेद  या अंतर सालो मे तब्दील हो जाता है। 

                                                                                             यहाँ लगभग 1. 5 साल का भेद या अंतर दिखता है। और जब  भीतरी भाग(CORE) और सतह  के बिच घनत्व(density) में वास्तव में भिन्नतायें होती है , तब उस संख्या को 2. 5 साल तक लेजाया  जाता है या समायोजित(adjusted) किया जाता है।
   
सूर्य का भीतरी भाग(CORE)

                                                                                           और हा , बड़े पदार्थ में यह अंतर भी बढ़ जाता है। टीम ने गुरुत्वीय(gravitational)  समय के फैलाव (time dilation) का असर सूर्य(sun)  पर देखा तो सूर्य का भीतरी भाग(CORE) और सतह के बिच में  40,000 साल का अंतर मिला था। मतलब की सूर्य की सतह उसके भीतरी भाग(CORE) की तुलना में 40,000 साल ज्यादा पुरानी  है !!!😵😵😱 

                                                                                            
                                           

                                                                                   
                                                                                       
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विश्व के सबसे बड़े पक्षी की पंखोंका फैलाव 24 फुट था !!

पेलागोर्निस सान्द्रेसी नामक उस पक्षी का वजन 80 kg  भी ज्यादा था !! पेलागोर्निस सान्द्रेसी                                       ...