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Sunday, 5 March 2017

फेमस ''SCIENCE THEORIES'' जो गलत साबित हुई हे -PART 3

ब्रम्हांड रहस्यमय पदार्थ  '' ईथर '' से भरा हुआ है : एकदम गलत !!

                                                        
                                                                           विज्ञानियो ने अपने  अनुभव से बताया था की तरंगो को फैलने  के लिए किसी न कीसी माध्यम की जरूरत होती है। आवाज या ध्वनि माध्यम की  अनुपस्थति (absence) यानि की  ''शुन्यावकाश'' में  फैल नहीं सकते। ग्रीक लोगों को लगता था की , ब्रम्हांड में प्रकाश को फैलने के लिए माध्यम की जरूरत होती है। और यह माध्यम यानिकि ''अद्र्श्य ''  पर ''प्रकाश (light)'' को प्रकाशित करने वाला माध्यम  ''ईथर (ether)'' !! द्रश्यमान  दुनिया को देखने के लिए प्रकाश अनिवार्य है। 

ब्रम्हांड  


                                                19 वि शताब्दी तक यह मान्यता को '' यूनिवर्सल ट्रुथ  (universal truth) '' या सनातन सत्य के तौर पे लोगो ने स्वीकार किया था। ब्रम्हांड की खाली जगह की जहा  कुछ भी नहीं  था वहाँ भी विज्ञानियो ने  ''ईथर (ether)'' की उपस्थिति  की  कल्पना की थी। प्रकाश के वक्रीभवन और व्यतिकरण के प्रयोगो के आधार पर  आधुनिक विज्ञान ने  ''ईथर (ether)''  की थ्योरी  को  गलत साबित किया  था। 

अल्बर्ट  आइन्स्टाइन  


                                                                                        और उसको कबर में दाल ने का  काम  आइन्स्टाइन  ने किया था। उन्होंने सापेक्षवाद  दिया था और भौतिक विज्ञान की दुनिया को फिर से  ठीक  कर दिया था।   ''ईथर (ether)'' की संकल्पना  को पुरे तौर पे मुक्ति मिल गयी थी। , परंतु आधुनिक विज्ञान  कुदरत के बलो के पीछे विशिष्ठ प्रकार के कण और विशिष्ठ प्रकार के माध्यम यानिके ''फिल्ड (field)" के सिद्धान्तों का आज भी स्वीकार  कर रहा है।     

टाइम और स्पेस  को कैसे फेब्रिक के तोर पे लिया जाता हे  वो  तस्वीर में देखा जा सकता हे 


                                                                                                      स्पेस और टाइम के लिए अब ''फेब्रिक (febric)'' शब्द  का उपयोग किया जाता है। ''ईथर (ether)'' आज भौतिक विज्ञान की  टैक्सबुक में से गायब हो गया  है। 
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Thursday, 2 March 2017

स्टीफन हॉकिंग्स की चेतावनी : गॉड पार्टिकल्ससे होगा दुनिया का अंत

अवकाश वैज्ञानि स्टीफन हॉकिंग्स ने चेतावनी दी हे की गोड पार्टिकल  या हिग्स बोसॉन में पुरे  ब्रम्हाण को नाश करने की ताकत है। 
                 
                                                                                        72 वर्षीय हॉकिंग्स ने  ये बताया की हिग्स बोसॉन ऊर्जा के बहुत ऊँचे स्तर पर अस्थिर बन  सकते है। जिसके कारण पुरे ब्रम्हाण में विनाशकारी वेक्यूम पैदा होगी 
जिससे ब्रम्हाण और समय दोनों का अंत हो जायेगा। 

            
                                                                                          एक अग्रणी अख़बार की अहवाल के मुताबिक स्टीफन ने अपने पुस्तक स्टारमस की प्रस्तावना में कहा  हे की  हिग्स बोसॉन में  चिन्ता जनक गुण हाजिर है , वे 100 अबज गीगा  एलेक्टरोन  वोल्ट से भी ज्यादा ऊर्जा के स्तर  पर मेगा स्टेबल  हे , यानिकि स्टेबल हो सकता है।

                                                                                             कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में  पढ़ाई की हुए होकिंग्स ने पहले भी  कहा था की नजदीक की भविष्य में ऐसा कोई अनुमान नहीं हे पर ऊँचे   हिग्स बोसॉन की अस्थिर बनने के  जोखिम की भी अवगणना नहीं की जा सकती। 

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विश्व के सबसे बड़े पक्षी की पंखोंका फैलाव 24 फुट था !!

पेलागोर्निस सान्द्रेसी नामक उस पक्षी का वजन 80 kg  भी ज्यादा था !! पेलागोर्निस सान्द्रेसी                                       ...